मेट्रो में सीट कंफर्म confirm your seat in metro
यदि आप दिल्ली मैट्रो blue line में रोज़ सफर करते हैं तो आप लोगों को देखकर पता लगा सकते हैं कि वे कहां से मैट्रो में चढ़े हैं और कहाँ उतरने वाले है। तो नीचे दी गई गाईड की मद्ध लें ताकि आप लम्वे सफर में सीट प्राप्ति कर पाएं, और सुखद यात्रा का लाभ उठा पाएं।
नियम एक : कभी भी आफिस वैग लिए महापुरूष के आगे खड़े होकर सीट की अपेक्षा ना केरे। एक तो वह राजीव चौक या नोयडा से पहले उतरेगा नहीं दूसरा ऑफिस जाने की खीज से वह आपको अपनी सीट देने से रहा.
मेट्रो में आप हर रोज सफर करते होंगे। आप टिकट या कार्ड लेकर अपनी यात्रा कर लेते होंगे। मेट्रो की यात्रा के दौरान कभी कभी आप नियमों का पालना करना भूल जाते हैं।
नियम:2 यदि कोई बड़ा सावैग लेकर चढ़ा है समझ ले वह राजीव ्पैकि चादनी चौक , रेलवे स्टेशन जा रहा होगा सीट मिलने की सम्भावना कम है, खड़ा होने की जगह वदलों अन्यथा खडा रहे|
नियम 3: यदि कोई मोबाईल मे अत्याधिक व्यस्त है ऐसा व्यवित या तो गाना सुन रहा होगा या फोन से फिल्म का आंनद ले रहा होगा सम्भतःदूर का मुसाफिर ही होगा। सीट की अपेक्षा कतई ना करें।
नियम 4: यह नियम आपको सीट दिलानेमें सहायक होगा ; यदि कोई व्यक्तितअपना समान सहेज रहा हो सीट के निचे से वैग निकाल रहा हो. यदि कोई व्यक्ति सीट पर आधा बैठा हो और इधर उधर झांक रहा हो समझ ले यदि उचित वक्त है। सीट मिलने ही वाली है। आपकी दूआ कबूल हुईI
नियम एक : कभी भी आफिस वैग लिए महापुरूष के आगे खड़े होकर सीट की अपेक्षा ना केरे। एक तो वह राजीव चौक या नोयडा से पहले उतरेगा नहीं दूसरा ऑफिस जाने की खीज से वह आपको अपनी सीट देने से रहा.
मेट्रो में आप हर रोज सफर करते होंगे। आप टिकट या कार्ड लेकर अपनी यात्रा कर लेते होंगे। मेट्रो की यात्रा के दौरान कभी कभी आप नियमों का पालना करना भूल जाते हैं।
नियम:2 यदि कोई बड़ा सावैग लेकर चढ़ा है समझ ले वह राजीव ्पैकि चादनी चौक , रेलवे स्टेशन जा रहा होगा सीट मिलने की सम्भावना कम है, खड़ा होने की जगह वदलों अन्यथा खडा रहे|
नियम 3: यदि कोई मोबाईल मे अत्याधिक व्यस्त है ऐसा व्यवित या तो गाना सुन रहा होगा या फोन से फिल्म का आंनद ले रहा होगा सम्भतःदूर का मुसाफिर ही होगा। सीट की अपेक्षा कतई ना करें।
नियम 4: यह नियम आपको सीट दिलानेमें सहायक होगा ; यदि कोई व्यक्तितअपना समान सहेज रहा हो सीट के निचे से वैग निकाल रहा हो. यदि कोई व्यक्ति सीट पर आधा बैठा हो और इधर उधर झांक रहा हो समझ ले यदि उचित वक्त है। सीट मिलने ही वाली है। आपकी दूआ कबूल हुईI

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